
उत्तर प्रदेश में शराब और भांग की दुकानों के लिए नई आबकारी नीति के तहत ई-लाटरी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नई नीति के तहत, आम आदमी भी शराब की दुकान खोलने के लिए आवेदन कर सकता है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस व्यवस्था को लागू किया है, जिससे राज्य सरकार को 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए आवेदन करने वाले लोगों को आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और आयु सीमा, आवेदन शुल्क तथा अन्य आवश्यक शर्तों का पालन करना होगा।
ई-लाटरी की तारीख और आवेदन प्रक्रिया
ई-लाटरी के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और छह मार्च को ई-लाटरी खोली जाएगी। आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह ने बताया कि ई-लाटरी के लिए पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन करने के लिए आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल https://exciseelotteryup.upsdc.gov.in पर पंजीकरण करना होगा। 21 वर्ष से अधिक आयु के लोग इस आवेदन के पात्र होंगे।
नई आबकारी नीति के मुख्य बिंदु
- ई-लाटरी की तारीख: छह मार्च को ई-लाटरी खोली जाएगी।
- आवेदन प्रक्रिया: आवेदन करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
- आयु सीमा: 21 वर्ष से अधिक आयु के लोग आवेदन कर सकते हैं।
- लाइसेंस फीस: देशी शराब की दुकान के लिए 40,000 से 65,000 रुपये, कम्पोजिट दुकानों के लिए 55,000 से 90,000 रुपये, मॉडल शॉप के लिए 60,000 से 1,00,000 रुपये और भांग की दुकानों के लिए 25,000 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
- नवीनीकरण का विकल्प: चयनित अनुज्ञापियों को वर्ष 2026-27 में नवीनीकरण का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
आवेदन की स्थिति और राजस्व लक्ष्य
सोमवार तक कुल 903 आवेदन किए गए हैं और 4.49 करोड़ रुपये की फीस प्राप्त हुई है। सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रदेश में पहली बार अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन की कंपोजिट दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान की गई है।
कैबिनेट से मंजूरी
बीती 5 फरवरी को कैबिनेट से नई आबकारी नीति को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत, राज्य में छह वर्ष बाद अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब की दुकानों का व्यवस्थापन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। इससे ई-लाटरी से आवेदन करने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ेगी और सरकार को भारी-भरकम धनराशि हासिल होने का अनुमान है।
शराब की कीमतों में कमी की संभावना
नई नीति में बदलाव के चलते शराब व्यापारियों के पास पड़े शराब के स्टॉक को क्लियर करने के लिए शराब की कीमतें कम की जा सकती हैं। शराब व्यापारियों के पास फरवरी और मार्च का कोटा बचा हुआ है। नई नीति के बाद शराब व्यापार से तमाम छोटे व्यापारियों का कारोबार बंद होने की उम्मीद की जा रही है। इसके चलते वे कोटा क्लियर करने के लिए शराब की कीमतें कम कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब और भांग की दुकानों के लिए ई-लाटरी के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नीति के तहत, आम आदमी भी शराब की दुकान खोलने के लिए आवेदन कर सकता है। सरकार ने 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आवेदन करने वाले लोगों को आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और आयु सीमा, आवेदन शुल्क तथा अन्य आवश्यक शर्तों का पालन करना होगा। नई नीति के तहत शराब की कीमतों में कमी की संभावना भी है, जिससे शराब व्यापारियों के पास पड़े स्टॉक को क्लियर करने में मदद मिलेगी।