
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा: कृषि क्रांति को नया आयाम
28 फरवरी 2025 को भागलपुर के ऐतिहासिक मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त लॉन्च की। इस कार्यक्रम में 9.8 करोड़ किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। साथ ही, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य NDA नेताओं ने इस ऐतिहासिक पल में शिरकत की।
19वीं किस्त का विवरण: किसानों को कब और कैसे मिलेगा लाभ?
- लाभार्थी: देशभर के 9.8 करोड़ छोटे और सीमांत किसान।
- राशि: प्रत्येक किसान को 2,000 रुपये की तीन किस्तों में से पहली किश्त।
- ट्रांसफर तिथि: 28 फरवरी को सीधे खातों में जमा।
- चेक स्टेटस: pmkisan.gov.in पर आधार लिंक करके पता करें।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा, “यह योजना किसानों की मेहनत को सम्मान देने का प्रतीक है। बिहार के अन्नदाताओं ने देश को खिलाया, अब सरकार उनकी सेवा में समर्पित है।”
भागलपुर में जश्न का माहौल: सुरक्षा से लेकर सांस्कृतिक स्वागत तक
सुरक्षा व्यवस्था: 5,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
कार्यक्रम स्थल पर NSG कमांडो, ड्रोन निगरानी और स्पेशल टास्क फोर्स की तैनाती की गई। भागलपुर हवाई अड्डे से मंच तक प्रधानमंत्री के मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
सांस्कृतिक समृद्धि की झलक
- झिझिया नृत्य: मिथिला क्षेत्र की परंपरागत लोक कला।
- बिहुला-विषहरी की झांकी: सांप दंश की पौराणिक कथा को दर्शाता नाट्य रूपांतरण।
- मंजूषा कला प्रदर्शनी: भागलपुर की प्रसिद्ध सिल्क पेंटिंग्स।
राजनीतिक रणनीति: NDA की एकजुटता का प्रदर्शन
नीतीश-मोदी की साझी तस्वीर: 2025 विधानसभा चुनाव की ओर इशारा
मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी की मैत्रीपूर्ण बॉडी लैंग्वेज ने NDA गठबंधन की मजबूती का संकेत दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कार्यक्रम बिहार में BJP-JD(U) गठबंधन के 2025 चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया: “चुनावी रेवड़ियां”
RJD प्रवक्ता ने ट्वीट किया, “किसानों को उनका अधिकार देने को ‘उपकार’ बताना सरासर ढोंग है। यह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।”
भविष्य की योजनाएं: बिहार को मिलेंगे ये प्रोजेक्ट्स
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में इन परियोजनाओं का ऐलान किया:
- पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट: 1,000 MW क्षमता वाला कोयला आधारित संयंत्र।
- सिल्क सिटी अपग्रेडेशन: भागलपुर को वैश्विक रेशम व्यापार केंद्र बनाने की योजना।
- बुद्ध सर्किट: वैशाली, बोधगया और राजगीर को जोड़ने वाला पर्यटन मार्ग।
PM किसान योजना: अब तक का सफर
किस्त संख्या | वर्ष | कुल राशि (करोड़ में) |
---|---|---|
1st | 2019 | 6,000 |
10th | 2022 | 18,000 |
19th | 2025 | 22,000 |
इस योजना ने किसानों के बैंक खातों में लगभग 3.78 लाख करोड़ रुपये का सीधा लाभ पहुंचाया है।
किसानों की आवाज: “अब समय बढ़ाएं और राशि बढ़ाएं”
भागलपुर के किसान रामेश्वर यादव ने बताया, “2,000 रुपये महीना अच्छा है, लेकिन खाद-बीज की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि यह अपर्याप्त है।” कई किसान संगठनों ने 6,000 रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 12,000 करने की मांग उठाई है।
PM किसान योजना ने कृषि क्षेत्र में एक नई बहस छेड़ दी है। जहां सरकार इसे “आर्थिक सुरक्षा कवच” बता रही है, वहीं विपक्ष और किसान नेता “अर्ध-विकसित कदम” मानते हैं। 2025 के बिहार चुनाव में यह योजना प्रमुख मुद्दा बनने की संभावना है।